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बादलों में दबा हुआ चाँद

by SATYADEO KUMAR
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सत्यदेव कुमार

बादलों में दबा हुआ चाँद छटक गया चाँदनी के लिए
उठाया चाँद ने बोझ- सी घूँघट छत की रोशनी के लिए
और दबे हालतों में दो अल्फाज कहा गया चाँद -चाँदनी के लिए

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