Home SHAYARI मैं तुम्हें फिछे मुड़ -मुड़कर देखता हूँ

मैं तुम्हें फिछे मुड़ -मुड़कर देखता हूँ

by SATYADEO KUMAR
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सत्यदेव कुमार

मैं तुम्हें फिछे मुड़ -मुड़कर देखता हूँ
और तुम सामने आकर भी नजरे चुरा लेती हो

मैं तुम्हारे शहर के गली -मोहल्ले से दीदार करता हूँ
और तुम मुझे मेरे गाँव समझकर …………..…….मुझसे जी -बहलालेती हो

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